Saturday, February 27, 2010

साथ तेरे होली....

जवानी में खेलो, जवानी सी होली,
हो जैसे कहीं, आग-पानी की होली
तेरी आँखों से जो छलकती है अब भी
तमन्ना उसी ज़िन्दगी की हो ली

होली की बकबक

हलुआ पूरी कोई उडाए, कोई बर्फी खाए
नथू बुढाऊ सीना पीटे, बुढ़िया भागी जाये
आज होली है आज होली है आज होली है

सेठ दिवाला मारे जाये, कर करके अल्सेट
पेडू नीचे लटका जाये, बोरे जैसा पेट
आज होली है आज होली है आज होली है

बबुआ खूब चढ़ाकर लाला, गिर गए नाली बीच
नौकर चाकर दौड़े आये, हो गयी खीचमखीच
आज होली है आज होली है आज होली है

भंग भी पी गए, बबुआ भी पिए, बकबक में हो झकझोरी
होली होली खेलन सब मिलजुल सड़क पर होली
आज होली है आज होली है

Saturday, February 13, 2010

Parda

वो परदे में थीं जब हमने प्यार का इज़हार किया....

बस उसके सांसों की खुशबू चारों ओर तो मैं जी रहा था ....

जी रहा था तब तक जब तक न पर्दा उठा था ....

जब उठाया पर्दा उसने चेहरे से अपने, था कौन जिंदा वहाँ ....

मैं तो उसके प्यार में कब का मर चुका था ....

Thursday, April 30, 2009

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Hemant Kumawat

Monday, October 27, 2008

दीपावली

प्रियवर,
आओ इस दीपोत्सव पर हम
दीप जलाते हैं दीपो के इस पर्व पर खुशियों का कोई छोर नही है हर तरफ़ रौशनी , खुशी , उल्लास भरा है ...दीप जलाकर हम इसका इजहार करते है .. राम चंद्र जब आए लंका से .....उस रावण के वध
का , बुरे पर अच्छाई की जीत का ....हम सम्मान करते है .... आओ इस दीपोत्सव पर हम दीप जलाते हैं

Saturday, September 6, 2008

कुछ तो बात करो

क्यों कर तुम हमसे बात नही करते हो
दिया हुआ अपना वादा क्यूँ तोड़ते हो,
हर पल जीलो जी भर के जानम
ना जाने कौन सा पल मौत की अमानत हो